ईश्वर अपाहिज और लाचार है क्या ? ईश्वर अपाहिज और लाचार है क्या ?

कुछ प्रश्न हैं लाचार उत्तर भी लाचार ईश्वर बस देख रहा है - उसकी लीला है अपरम्पार ! रश्मि प्रभा =====================...

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10:56 AM

भावनाओ के बंजर में भी फूल खिलते है.... भावनाओ के बंजर में भी फूल खिलते है....

सोचो , कुछ कदम बढ़ाओ देखो कितनी हरियाली है कितने लोग पास हैं .... रश्मि प्रभा ============================================...

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11:09 AM

उसकी खोज उसकी खोज

मोह से मोक्ष की यात्रा कभी प्राप्य कभी अप्राप्य ... रश्मि प्रभा =====================================...

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2:16 PM

एक नदी थी एक नदी थी

एक नदी सी लड़की चपल चंचल ... गौर करो , खुद में त्रिवेणी लिए चलती है यानि - मुक्ति ! रश्मि प्रभा =====================...

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11:08 AM

मैं सोचती रही.... मैं सोचती रही....

मैं सोचती रही शब्‍दों की विरासत  मिली थी तुम्‍हें  या आत्‍ममंथन ने की थी रचना  शब्‍दों की  जब भी तुम भावनाओं के  दीप प्रज्‍जवलित कर...

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10:36 AM

अब वक्त नहीं है , थोडा और रुकने का ...... अब वक्त नहीं है , थोडा और रुकने का ......

जो थम गए आज भी तो विनाश की आखिरी लहर आने को है ... रश्मि प्रभा =============================================================...

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10:28 AM

हँसती हुयी औरत दुखी नहीं होती हँसती हुयी औरत दुखी नहीं होती

औरत दुखी होकर भी दुखी नहीं होती उम्मीदों का सूरज उसकी हँसी के पूरब से निकलता है ... रश्मि प्रभा ===========================...

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12:45 PM

ऐसा क्यो होता है ऐसा क्यो होता है

नियमों के उल्लंघन में एक परिचय छुपा रहता है छोटे छोटे अपराध से ही आरम्भ होता है रश्मि प्रभा ===========================...

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11:47 AM

डांटता है मकान मालिक ! डांटता है मकान मालिक !

मैने जिस घर में आश्रय पाया उसे अपना समझ लिया  किराया कोई और देता, मजा मैं लेता मैला मैं करता रंग-रोगन कोई और कराता चोट मैं प...

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3:33 PM

अभिलाषा : शिवकुमार राजौरिया अभिलाषा : शिवकुमार राजौरिया

कहानी  आज शिवेक को अपने ऑफिस से बाहर आने में थोड़ी देर हो गई थी | बाहर आकर देखा तो उसके अन्य साथी उसका इंतजार कर रहे थे | बाहर कै...

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10:52 AM

मनोज  अवोध  की दो गज़लें मनोज अवोध की दो गज़लें

(एक)  मिलके चलना बहुत ज़रूरी है  अब सँभलना बहुत ज़रूरी है  गुत्थियाँ होगईं जटिल कितनी  हल निकलना बहुत ज़रूरी है  ...

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11:43 AM

मत पूछ मेरे हौसलों की हदों के बारे में मत पूछ मेरे हौसलों की हदों के बारे में

हौसले ज़िन्दगी का सबब हैं हौसला है तो ही मंजिल है ... रश्मि प्रभा ====================================================== ...

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12:34 PM

अहर्निश अहर्निश

घुटन भी एक चेतना है जो बन्द कमरों में अहर्निश जलती है धुँआ गहराता जाए तो चीखना ज़रूरी है अपने गुम हुए अस्तित्व के एहसास के लिए ....

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10:24 AM

एक खुशखबरी एक खुशखबरी

जिनकी कविता वटवृक्ष में सबसे पहले प्रकाशित हुई शीर्षक था : माँ एक मधुर एहसास आज एक वर्ष बाद – उसी कविता पर मातृ दिवस के उपलक्ष...

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10:00 AM
 
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