अनकही अनकही

कई बातें होठों तक आती हैं फिर रास्ते बदल गले में अटक जाती है अनकही होकर झकझोरती रहती हैं ...... रश्मि प्रभा =========================...

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11:32 AM

पास अपने रौशनी काफी नहीं तो क्या हुआ ? पास अपने रौशनी काफी नहीं तो क्या हुआ ?

  ग़ज़ल पास अपने रौशनी काफी नहीं तो क्या हुआ  दिल जले है ,जो दीया बाती नहीं तो क्या हुआ | पार कर लेंगे उफनते दरिया को हम तैरकर  हौंसला तो...

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1:10 PM

... पुन: तुम्हें लिखता हूँ ... पुन: तुम्हें लिखता हूँ

लिखता हूँ , लिख नहीं पाता गुनता हूँ , कह नहीं पाता पर चाहता तो हूँ - बहुत कुछ तुम तक पहुँचाना मन के कैनवस पर उभरती हैं यादें रंग भरूँ - उस...

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11:41 AM

दस्तक दस्तक

यादों की आहटें गुम नहीं होतीं जब भी अकेला देखती है - सांकलें खटखटाती हैं भीड़ से खींचकर अनमना कर जाती हैं ... रश्मि प्रभा ===========...

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12:52 PM

मेरे ब्लॉग-पोस्ट की किस्मत खुल गई...... मेरे ब्लॉग-पोस्ट की किस्मत खुल गई......

ये लिखा वो लिखा क्या क्या न लिखा पर जाने क्या पसंद थी कि कोई न दिखा तब जाना - जिन्हें समझ होगी , वे खुद आयेंगे मेरे ब्लॉग पोस्ट के साथ उन...

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9:43 AM

मेरा नाम मेरा नाम

एक अदद नाम एक पहचान खोजने की कोशिश में कई उलझे चेहरे मिलते हैं उकताए हुए कहते हैं - अमां छोड़ो यार ... क्या करोगे जानकर ! रश्मि प्रभा ...

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10:20 AM

दुआ दुआ

  दुआ  वो  हर पल खुदा से  अपने प्यार की  सलामती की  दुआ करता है  हर लम्हा उसकी  ख़ुशी  की फ़रियाद करता है  दिन - रात उसकी  इक हँसी  के लिए ...

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12:03 PM

अपना घर, अपना शहर याद आता है अपना घर, अपना शहर याद आता है

एक अपना घर बचपन साथी खट्टे टिकोले छोटी सी ज़िद छोटी सी ख़ुशी थोड़ा सा रूठना पापा माँ का मनाना .... दूर होकर बहुत याद आते हैं बहुत बहुत बह...

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10:16 AM

जीवन और आत्मा जीवन और आत्मा

आत्मा अमर है तो हम हैं ... प्रश्न उठता है आत्मा जीवन है या शरीर जीवन है . यदि शरीर नश्वर है तो आत्मा ही जीवन है - और शरीर आधार . पत्थर के ...

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11:20 AM

एक पहल... एक पहल...

अनुभवों का मसला था या बीतते सालों का कारवां मन के कोने में जो जमा वह पन्नों पर उतरने लगा ज़िन्दगी पहले अधिक सहज हो गई उम्र का मुकाम हो गई ...

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10:11 AM

तड़प यह छोड़ दूँ कैसे? तड़प यह छोड़ दूँ कैसे?

चेतन हूँ अचेतन कैसे हो जाऊँ मैं प्रयोजन हूँ अपना अस्तित्व कैसे खो जाऊँ ? रश्मि प्रभा =================================================...

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11:31 AM

जिन्दगी जरा आहिस्ते चल , जिन्दगी जरा आहिस्ते चल ,

आगे निकलने के क्रम में हम सबसे बिछड़ गए सूरज को पाने का दंभ लिए अन्दर ही अन्दर जल गए अब ऐ ज़िन्दगी ... धीरे चलो भागते दृश्य पलकों में ठह...

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9:59 AM

मैं खुद से बातें करता हूँ ! मैं खुद से बातें करता हूँ !

खुद से बातें न करो  उठापटक ना करो  तो मन के कई कमरे बन्द रह जाएँ  प्रश्न मुंह बाए कोने में पड़ा रह जाए  ...... खुद को खुद से ही राह मिलती ...

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11:43 AM

प्रेम-हाइकु प्रेम-हाइकु

पावन शब्द अवर्णनीय प्रेम सदा रहेंगे। सहेजते हैं सपने नाजुक से टूट न जाएं। जीवंत रहे राधा-कृष्ण का प्रेम अलौकिक सा। फिल्मी स...

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11:07 AM

तुम्हारे नाम / मेरे नाम तुम्हारे नाम / मेरे नाम

तुम्हारे नाम / मेरे नाम समंदर आमने सामने होता तो लहरों की बातें कुछ इस तरह होतीं एक कहती एक सुनती व्यथा एक सी होती .... रश्मि प्रभा ...

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10:23 AM

माँ माँ

छिः ... धिक्कार है वंश इसे कहते हैं जो शान की झूठी तस्वीर के लिए माँ से परहेज करे माँ को पत्थर बना दे ...  रश्मि प्रभा ===============...

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12:57 PM

टुकड़े- टुकड़े में बंटी मैं टुकड़े- टुकड़े में बंटी मैं

रिश्ते थे या कर्तव्यों की हिदायतें विभक्त सी मैं - खुद को भी अब ना पहचानूँ ! रश्मि प्रभा =============================================...

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10:39 AM

रंग बिरंगी चिड़िया एक दिन बोली मुझसे रंग बिरंगी चिड़िया एक दिन बोली मुझसे

चिड़िया की उड़ान उसकी मीठी आवाज़ उसके रंग सबको दिखते हैं पर उसकी भी अपनी व्यथा है - रश्मि प्रभा ===================================...

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10:12 AM
 
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