मैं वहीँ मिलूंगी... उसी नीले कुँए के पास मैं वहीँ मिलूंगी... उसी नीले कुँए के पास

प्यार के सिरे जहाँ रह जाते हैं उनको जब भी पाना हो ... वहीँ जाना जो बचपन के गलियारे में रह जाते हैं उनको पाने के लिए गुड़िया घर के दरवाज़े...

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10:46 AM

कुछ तो करो लोगों कुछ तो करो लोगों

दोष इसका है या उसका है , इसको बताने से पहले अपने इस मुल्क के लिए कुछ तो कर जाओ लोगों ... रश्मि प्रभा ===============...

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11:32 AM

नन्ही लौ और इंसान...! नन्ही लौ और इंसान...!

असुर का साम्राज्य कितना भी बड़ा हो अगर की खुशबू मन को सुकून देती है ... रश्मि प्रभा ======================...

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10:00 AM

" बरगद –आत्मकथ्य" " बरगद –आत्मकथ्य"

अपनी विशालता को पहचानो कितने पौधे तुमसे ऊष्मा पाते हैं कितने राहगीर आराम ... लाभ हानि तो हर रिश्तों में है तो क्या अपने वजूद से रूठ जाएँ !...

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9:36 AM

"संतुलन" "संतुलन"

एक जीवन से दूसरा जीवन संतुलन बनाने के लिए बहुत कुछ इधर उधर होता है ठीक उसी तरह - जैसे किसी के आने पर कमरे की साज सज्जा बदलती है पर .... स...

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10:11 AM

फिर आ गया गणतंत्र दिवस फिर आ गया गणतंत्र दिवस

फिर आ गया गणतंत्र दिवस दिखलाने, बतलाने सुनने-सुनाने हालात, समस्यायें उपलब्धियां गिनाने। देखो… सुनो… पढ़ो… जांचो… मगर कुछ कहना मत। ...

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11:00 AM

चाय ... चाय ...

चाय की मिठास सुबह की अलसाई धूप को मीठा बनाती है तबीयत अपनी जगह है पर फीकी पसंद .... चाय को चाय ही रहने दो दवा न बनाओ ... रश्मि प्रभा =...

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10:12 AM

प्यार की परिभाषा.. प्यार की परिभाषा..

बालू के घरौंदे ... छप छप होती लहरें किसी नन्हीं चिड़िया का इधर उधर देखना चलते चलते हाथ पकड़ यूँ ही मुस्कुराना अचानक बारिश की बूंदों से भी...

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11:05 AM

सपना.... सपना....

चिड़िया होने का सपना प्रायः हर लड़की देखा करती है क्योंकि कोई डाली उसकी अपनी नहीं होती ... रश्मि प्रभा ==============================...

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10:32 AM

ज़िंदा कविता की तलाश ... ज़िंदा कविता की तलाश ...

मन के बादलों में भरे कुछ एहसास अद्रा नक्षत्र की बारिश की तरह बरसना चाहते हैं किसी पत्ती पर दूबों पर नदी में सागर में झोपड़ी पर .... किसी ...

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10:30 AM

बीज से फूल तक बीज से फूल तक

अस्तित्व .... कौन चाहता है खोना यह जीवन ही है खुद से खुद को देना देकर खुद को पाना अस्तित्व अपना बनाना .... रश्मि प्रभा ===================...

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5:30 PM

पाप या पुण्य (लघु कथा) पाप या पुण्य (लघु कथा)

पाप पुण्य की परिभाषा भी स्वार्थी होती है रोग , बुढापा , मृत्यु - सबसे अपना फायदा निकाल लेती है ... रश्मि प्रभा ========================...

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1:11 PM

ये खोटे सिक्के ... ये खोटे सिक्के ...

खोटे सिक्के रोबोट बनाते हैं अब इन्सान की तलाश किसी को नहीं रोबोट ही असली पहचान देते हैं ... आलोचना करो या हंसो खोटे का बोलबाला है .... ...

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10:14 AM

दावा ... दावा ...

तुम पास होते तो हो पर मन में घुमड़ती बातें क्यूँ रह जाती हैं दूर ... तुम्हारे होने का विश्वास भी है पर ये होठ अनबोले क्यूँ रह जाते हैं ?....

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10:18 AM

धारावाहिक धारावाहिक

ज़िन्दगी के परिधान एक से नहीं होते न उसके डायलौग एक होते हैं कभी खुद बदल देते हैं हम कभी जाने अनजाने अपने बने निर्देशक .... रश्मि प्रभा...

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10:11 AM
 
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