कहते हैं राधा ब्याहता थीं ... फिर कृष्ण प्रेम , कृष्ण से पूर्व उनका नाम कसौटी पर खरा है ?मीरा ने भी माँ के द्वारा कृष्ण को पति माना पर विवाह किसी और से हुआ ... पर वे कृष्ण दीवानी रहीं ... कहते हैं राधा ब्याहता थीं ... फिर कृष्ण प्रेम , कृष्ण से पूर्व उनका नाम कसौटी पर खरा है ?मीरा ने भी माँ के द्वारा कृष्ण को पति माना पर विवाह किसी और से हुआ ... पर वे कृष्ण दीवानी रहीं ...

चित्रकार की कैसी है ये कल्पना | उसको तो कुछ न कुछ है रंगना | मंदिर , मस्जिद में चला गया | थी कोशिश इंसा में ही रब को पाना | पर कोई भी एसा ...

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11:00 AM

काली कॉफी में उतरती साँझ काली कॉफी में उतरती साँझ

शाम का धुंधलका यादों का धुंआ उदासी पसरी है पर ख्याल है तुम्हारा मेरी उदासी तुम्हें अच्छी नहीं लगती .... यह सुकून इस शाम में कुछ कम नहीं ...

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11:00 AM

तुम्हारे लिए.. तुम्हारे लिए..

सोचा मैंने भी कि तुम्हें भूल जाऊँ चाहा किसी लम्हें में तेरा नाम न लूँ पर ये आंसू हैं कि रुकते ही नहीं चेहरे के रेशों पर तेरा नाम लिख जाते...

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11:00 AM

एक शक्स मेरी कलम से एक शक्स मेरी कलम से

हवाओ से कह दो अपनी औकात में रहे हम परों से नहीं हौसलों से उड़ते हैं। .... यह कलम है प्रवीणा जोशी की . वटवृक्ष पर वे अपनी रचना के साथ आपसब...

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11:00 AM

और मैं जीता रहा.. और मैं जीता रहा..

और मैं जीता रहा.. और मैं जीता रहा.. हर हाल में चलना है ये सोचकर चलते रहे ज़िन्दगी तेरे संग एक ख्वाब देखते रहे .... पाँव के छाले हौसले ...

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11:00 AM

पहचान पहचान

एक एक रचना में कर्ता की पहचान होती है जो ना कह पाए वह ज़ुबान होती है रश्मि प्रभा ====================================================...

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10:17 AM

"तुम्हें कोई याद करता है ...." "तुम्हें कोई याद करता है ...."

फूल मुझे पसंद नहीं , मै कांटो का दीवाना हूँ |मै जलने वाली आग नहीं , जल जाने वाला परवाना हूँ |ख्वाब मुझे पसंद नहीं, मै हकीकत का आशियाना ...

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12:49 PM

ओ साकी ! व्यर्थ न हाला जाए !! ओ साकी ! व्यर्थ न हाला जाए !!

चल मधुशाला फिर साकी एक जाम बना दे फिर साकी होश गंवाकर हाले में बिगड़ी बात बना दे ओ साकी रश्मि प्रभा ==================================...

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11:00 AM

जाने क्यूँ ! जाने क्यूँ !

जिन रिश्तों में मिठास नहीं होती कोई धड़कन नहीं होती जाने क्यूँ लोग उसे निभाने की सलाह देते हैं ! शुभचिंतक और प्यार करनेवाले कभी भी घुट घ...

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11:00 AM

तन्हा सी जिंदगी तन्हा सी जिंदगी

तन्हा मन तन्हा सोच तन्हा आती आवाजें तन्हा चलते रास्ते .... आखिर कब तक ! रश्मि प्रभा ================================================...

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11:18 AM

अर्थ....! अर्थ....!

पैसा ! इक्षाओं का विस्तार है , भावनाओं पर ग्रहण है , रिश्तों को बड़ी बेरहमी से कुचल डालता है ! रश्मि प्रभा ======================...

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10:03 AM

देखिए जी, कब चुकेगा देखिए जी, कब चुकेगा

ज़िन्दगी ही क़र्ज़ है सबको ही चुकाना है जब तक है साँसें चुकाते ही जाना है रश्मि प्रभा ==============================================...

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10:40 AM
 
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