बहुत लड़ता था तुझसे बहुत लड़ता था तुझसे

बीते हुए पल किस कदर साथ साथ चलते हैं आज कितना भी सुहाना हो पर वो बचपन .... वो लड़ाई याद आते ही दिल मचल जाये ... रश्मि प्रभा ====...

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11:00 AM

तुम तुम

तुम मेरे लिए क्या हो रिश्तों की बंदिशों से परे एक ख्वाब हो जिसे देखने की खातिर मैं सबकुछ भुलाकर चलती हूँ चाँद जलता है तो जले मैं अपनी बन...

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10:45 AM

बेबस ज़िन्दगी बेबस ज़िन्दगी

मुझे अकेलेपन से घबराहट तो नहीं होती पर जब एक लम्बा$$$$$$$ वक़्त गुज़र जाता है तो यादें अलसाने लगती हैं दीवारें जुम्हाइयां लेने लगती हैं फ...

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11:00 AM

आहट आहट

हवा मुझे छूकर गई है कानों में गुनगुना के गई है बांयी आँख फड़की है हिचकी भी आई है .... कहीं यह सब तुम्हारे आने की आहट तो नहीं ! रश्मि प्...

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11:00 AM

देखो न ! देखो न !

कौन है जो ब्रह्ममुहूर्त में चिड़ियों को दाने देता है? ये कौन है ! रश्मि प्रभा ====================================================...

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11:00 AM

इमरोज़- मेरी कलम से ..... इमरोज़- मेरी कलम से .....

२६ जनवरी : इमरोज़ जी की वर्षगांठ पर वटवृक्ष की विशेष प्रस्तुति पत्तों पर छलकती ओस की बूँदें आती हैं बनकर इमरोज़ आतुर रहती हैं हर प्रातः ...

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11:00 AM

ग़ज़ल ग़ज़ल

चाँद फिसलकर आ गया है खिड़कियों पर ग़ज़ल की ताबीर ही कुछ ऐसी है ... रश्मि प्रभा ================================================= ...

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11:00 AM

खून अपना पराया - लघु कथा खून अपना पराया - लघु कथा

बात अपने खून की होती है , दूसरे का खून पानी होता है - दर्द की भी क्या परिभाषा है ! जहाँ ज़िन्दगी मौत सी सूनसान हो , वहाँ अपनत्व के ख्याल...

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11:00 AM

कॉफी विद कुश (एक कप कॉफी.. कई राज़ खुलवा देती है ) कॉफी विद कुश (एक कप कॉफी.. कई राज़ खुलवा देती है )

एक कप कॉफ़ी ... नरम गरम दिलचस्प बातें ... कुश जी हों या करण जौहर .... दोनों जानते हैं कॉफ़ी की खासियत - तो चलिए एक कप कॉफ़ी हमारी भी हो ज...

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11:00 AM
 
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