..... अब मैं चला ..... अब मैं चला

लो यह साल भी गया ... अब फिर है एक नया साल नए संकल्प नई संभावनाएं नए मौके ! यह साल गया इसे जाना ही था पर जब तक यह रहा तुम्हें तुम्हारे संक...

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11:00 AM

क्षणिकाएं क्षणिकाएं

कुछ बातें क्षणों की होती हैं पर बड़ी गहरी होती हैं ज्यों किताब के बीच रखे सूखे फूल सूखते नहीं ये क्षण भी सदियों तक साँसें लेते हैं .... रश्म...

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11:00 AM

विश्वासघाती विश्वासघाती

जब भी कोई बाहरी आवाज़ आती है, चिड़िया मासूम निगाहों से मुझे देखती है, छोटी कटोरी में पानी देकर मैं उसे भरोसा देना चाहती हूँ.......... पर आघ...

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11:00 AM

इन बेज़ुबां ख़्वाबों का क्या करूं इन बेज़ुबां ख़्वाबों का क्या करूं

चाहा है इन ख़्वाबों से कुछ बातें करूँ गर्म कॉफ़ी के उठते धुंए से कोई नाता जोडूँ जाने क्यूँ ये ख्वाब कुछ कहने से कतराते हैं पर हर सुबह मेरे त...

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11:00 AM

ज़िन्दगी का स्वाद ज़िन्दगी का स्वाद

अब वो चाँद कहाँ कहाँ है वो मासूम स्वाद बड़े होने की कौन कहे अब तो घुटनों चलते , खड़े होते हम बेईन्तहा समझदार होते हैं कहाँ से लाएगी माँ अब ...

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11:00 AM

व्यंग -- बुढापे की चिन्ता समाप्त व्यंग -- बुढापे की चिन्ता समाप्त

ख़्वाबों में ही सही खेली हमने राजनीति हकीकत में सोचा है लेंगे एक टिकट हम भी आप सब तो साथ होंगे ही ब्लॉग बंधुत्व की भावना लिए क्यूँ है ना ? ...

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11:00 AM

मेरी तलाश मेरी जिजीविषा मेरी तलाश मेरी जिजीविषा

कहाँ भटकते रहे मन? तुम्हारे सारे अर्थ तो तुम्हारे ही भीतर थे, जो "कस्तूरी" की तरह, तुम्हारे रोम-रोम में सुवासित थे, तुम्हारी आँखो...

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11:00 AM

एथेंस का सत्यार्थी एथेंस का सत्यार्थी

सच को देख एथेंस का सत्यार्थी अंधा हो गया ... सच की भयानकता से या उस विपरीत सत्य के साक्षात्कार से जिसका एक कोमल खाका उसने खींच रखा था ! ......

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11:00 AM

झूठी हँसी झूठी हँसी

दर्द अपने अपने हिस्से का तुम भी जीते रहे हम भी जीते रहे न तुम्हें हमारी उदास आँखें पसंद थीं ना मुझे तुम मेरे लिए जीते रहे हम तुम्हारे लिए ज...

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11:00 AM

प्याज बन कर रह गया है आदमी प्याज बन कर रह गया है आदमी

चलो ना भटके लफ़ंगे कूचों में लुच्ची गलियों के चौक देखें सुना है वो लोग चूस कर जिन को वक़्त ने रास्तें में फेंका थ सब यहीं आके बस गये हैं ये...

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11:00 AM

मेरे जीने का थोड़ा सा, सामान कर दिया... मेरे जीने का थोड़ा सा, सामान कर दिया...

चित्रित तू मैं हूँ रेखा क्रम, मधुर राग तू मैं स्वर संगम तू असीम मैं सीमा का भ्रम काया-छाया में रहस्यमय प्रेयसी प्रियतम का अभिनय क्या? महाद...

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11:00 AM

बेबसी बेबसी

ख़ुशी भी दुःख का कारण बनती है आशीर्वाद भी बोझ बन उठता है जीना मुझे है या उसे बहुत बड़ा प्रश्न बनता है रश्मि प्रभा ===============...

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11:00 AM

प्रिज्म और ब्लैक होल प्रिज्म और ब्लैक होल

मैं तो घड़े का पानी हूँ तेरी प्यास बुझाने को हर दिन भर जाती हूँ सोंधी सोंधी खुशबू सोंधे सोंधे स्वाद में डूबा तेरा सोंधा सोंधा चेहरा इन्द्रध...

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11:00 AM

बैचलर पोहा!!! बैचलर पोहा!!!

आपने बनाया होगा बहुत कुछ अपने किचेन में पर बैचलर पोहा .... बनाया तो होगा बहुतों ने पर यह नाम जुबां पे आया न होगा तो चलते हैं किचेन में लेते...

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11:00 AM

हमें गर्व है कि हम विकसित हो रहे हैं.... हमें गर्व है कि हम विकसित हो रहे हैं....

हम सभी विकसित होना चाहते हैं पर कैसा विकास किस ढंग से ......... क्या विकास के नाम पर हम विनाश की ओर अग्रसर नहीं हो रहे ? रश्मि प्रभा =...

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11:00 AM

काग के भाग बड़े सजनी काग के भाग बड़े सजनी

किसने ये जाना था , किसे ये खबर थी आयेंगे ऐसे दिन भी ... अपने लिखे के बदले भाव पर रसखान भी रोते नज़र आयेंगे रश्मि प्रभा =============...

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11:00 AM

बादलों से उतरा एक नूर सा जोगी बादलों से उतरा एक नूर सा जोगी

बड़ी लम्बी, गहरी नदी है.. पार जाना है...तुम्हे भी, मुझे भी... नाव तुम्हारे पास भी नहीं, नाव मेरे पास भी नहीं... जिम्मेदारियों का सामान बहुत...

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11:00 AM

वो कलम... वो कलम...

आत्मा को शस्त्र नहीं काट सकता अग्नि नहीं जला सकती पानी नहीं गला सकता हवा नहीं सुखा सकती आत्मा अमर है ... आत्मा एक कलम है , जिसकी नोक भावन...

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11:00 AM
 
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