पानी का कैनवस पानी का कैनवस

ईश्वर ने सत्य का स्वरुप हर बार दिखाया है तो फिर उलझन कैसी ? रश्मि प्रभा ==============================================================...

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11:00 AM

माँ माँ

माँ,माँ डर लगता है... माँ ने हाथ का घेरा बनाया सीने से लगा लिया ! माँ,माँ, बुरे सपने आते हैं.... माँ ने तकिये के नीचे हनुमान चालीसा रखा, मा...

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11:00 AM

मांगा ही कब था? मांगा ही कब था?

रास्ते हर किसी को मिलते हैं हमख्याल दोस्त मिल जाये तो समझो - खुदा ने तुम्हें तराशा है ! रश्मि प्रभा ================================...

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11:00 AM

नीड़ का निर्माण होगा नीड़ का निर्माण होगा

दर्द का सैलाब जब आया मैं कतरा कतरा डूबती गई तिनकों के सहारे उबरने के क्रम में मेरे संग तिनके भी घुटने लगे कभी मैं उतराती कभी तिनके फिर हम तै...

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11:00 AM

मरने से पहले मरने से पहले

लम्बी नदी छोटी सी नाव लम्बा सा दिल ... नाव सबको पार उतारेगी रश्मि प्रभा ===============================================================...

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11:00 AM

अज्ञात शून्यता... अज्ञात शून्यता...

राह चलते सागर कहाँ मिलता है नदी यूँ ही लम्बे रास्ते तय नहीं करती रश्मि प्रभा =================================================== अज्...

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11:00 AM

जाने लोग यहाँ क्या-क्या तलाश करते हैं ..... जाने लोग यहाँ क्या-क्या तलाश करते हैं .....

दर्द की स्याही से हम जो गीत लिखते हैं वह हर एक की जुबां से गुज़रता है रूह की हदों से पिघल आँखों से छलकता है ..... रश्मि प्रभा ===...

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11:00 AM

तब और अब !!! तब और अब !!!

मेरे महिवाल तुमने रंगों की गागर भरी थी मैं चनाब का पानी लेकर क्या करती तेरे गागर के रंगों से खुद को रंग लिया है तेरे जीवन के कैनवस पर चित्र...

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11:00 AM

खुद से खुद की बातें खुद से खुद की बातें

सूर्योदय और सूर्यास्त रात के स्पर्श के साथ चलते हैं सूर्य उसकी आगोश से ही निकलता है उसकी आगोश में विलीन होता है अँधेरे और उजाले का रिश्ता क...

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11:00 AM

चाँद और मैं … चाँद और मैं …

ये अनकही बातें बोलती हैं,मैंने इनको सुना है,समुद्र की लहरों सी होती हैं,शाख से कोई पत्ता गिरे ,ऐसा लगता है,ये अनकही बातें ,दिल की गहराई तक ...

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11:00 AM

दो लघुकथाएँ दो लघुकथाएँ

यह दिल तो हमेशा कुछ कहता है कभी जीवन, कभी रिश्ते, कभी ख्वाब...बुनता रहता है लम्हों को और एक दोस्त ढूंढता है जिससे दिल बयान कर सके, जो दिल क...

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11:00 AM

कतरा कतरा ज़िन्दगी कतरा कतरा ज़िन्दगी

पतझड़ में गिरे शब्द फिर से उग आए हैं पूरे दरख़्त भर जायेंगे फिर मैं लिखूंगी पतझड़ और बसंत शब्दों के तो आते-जाते ही रहते हैं जब सबकुछ वीरा...

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11:00 AM

कहाँ हूँ मैं ! कहाँ हूँ मैं !

ईश्वर ने बनाया था तुम्हें आकाश तुमने स्वयं को सीढ़ी में परिवर्तित किया तुम्हें लगा लोग सीढ़ी चढ़कर उस आकाश पर पहुंचेंगे जो तुम बने थे ...!!...

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11:00 AM

शब्दों से दोस्ती... शब्दों से दोस्ती...

जो आँधियों में दूसरे के दर्द से रास्ता निकालते हैं उन्हें ज़िंदगी मज़ाक लगती है! वे नहीं समझते उनकी तकलीफ जो रात के घने अँधेरे में उठकर शब्द ...

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11:00 AM

लोर्ड्स के साथ डेटिंग-------->>> लोर्ड्स के साथ डेटिंग-------->>>

ज़िन्दगी के हर कदम हमें कुछ देते हैं , कुछ सीखने को कुछ बांटने को ....... व्यर्थ कोई बात नहीं होती - ह र तस्वीर कुछ कहती है रश्मि प्रभा ...

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11:00 AM
 
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