इन तमाम पन्नो को मैंने चाहा है समेटना
अपनी आँखों से जेहन तक चाहा है भरना
ये पन्ने कोरे पन्ने नहीं
जज्बातों की ताबीर हैं ...


रश्मि प्रभा



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इन्ही पन्नों पर...

अपनी हर मुलकात की,
हर बात,
अपनी हर रात का,
हर अहसास,
यूंही कैद कर लेना चाहती हूँ...
इन्हीं पन्नों पर...

हर वो खुशी,
जब भी आई हंसी,
हर वो गम,
जब आँखें हुईं नाम,
यूंही लिख देना चाहती हूँ कलम से...
इन्हीं पन्नों पर...

हर वो सदा,
जो याद आ गयी,
हर वो अदा,
जो इस मन को भा गयी,
यूंही सरे पल समेट लेना चाहती हूँ...
इन्हीं पन्नों पर...

हमेशा के लिए...

17 comments:

  1. हर वो सदा,
    जो याद आ गयी,
    हर वो अदा,
    जो इस मन को भा गयी,
    यूंही सरे पल समेट लेना चाहती हूँ...

    बहुत ही सुन्‍दर भावों के साथ बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ...।

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  2. बहुत ख़ूबसूरत


    अपनी हर मुलकात की,
    हर बात,
    अपनी हर रात का,
    हर अहसास,
    यूंही कैद कर लेना चाहती हूँ...
    इन्हीं पन्नों पर...

    वाह!

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  3. सुंदर प्रस्तुति

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  4. और ये पन्ने हमारी अमूल्य निधि बन जाते हैं ...!

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  5. कर लीजिए कैद पन्नों पर ..धरोहर बन जायेंगे ये पन्ने ....अच्छी प्रस्तुति

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  6. "अपनी हर मुलकात की,
    हर बात,
    अपनी हर रात का,
    हर अहसास,
    यूंही कैद कर लेना चाहती हूँ...
    इन्हीं पन्नों पर..."
    पूजा जी.आपकी यह रचना मन की कोमल भावनाओं से ओत-प्रोत है.
    आपने तो कैद को भी सुखद बना दिया है.

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  7. वाह बहुत ही सुन्दर ख्याल्…………यही तो यादों का दस्तावेज़ बन जाती हैं।

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  8. ये पन्ने होंगे फिर अनमोल ..सुन्दर रचना.

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  9. पूजा जी की कविता बहुत अच्छी रही..
    और रश्मि जी, आपके लिए कुछ कहना तो सूरज को...दिया दिखाने जैसा है.

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  10. खूबसूरत ख्वाहिश और एहसास

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  11. बेहतरीन अभिव्‍यक्ति!

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  12. दीदी हमेशा की तरह .......दिल तक पहुँच जाने वाली बेहतरीन अभिव्‍यक्ति

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  13. कविता है ही ऐसा माध्यम जिसमें हम अपने गमो खुशी समेत लेते हैं शब्दों से, पन्नों पर ...
    बहुत सुन्दर !

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  14. हर वो खुशी,
    जब भी आई हंसी,
    हर वो गम,
    जब आँखें हुईं नाम,
    यूंही लिख देना चाहती हूँ कलम से...
    इन्हीं पन्नों पर...
    ज़िंदगी पन्नों को लिखना चाहतें हम भी... बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति है |

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  15. ये पन्ने कोरे पन्ने नहीं
    जज्बातों की ताबीर हैं ...

    बेहद ख़ूबसूरत पंकितयां. पूजा की रचना भी अच्छी लगी.

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  16. आपकी पंक्तियाँ मेरी कविता को मिलीं,
    इस सम्मानित अवसर को प्रदान करने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया...

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